6 अधिकारियों के संबंध में लंबित सीवीआर प्राप्त करने के बाद आरसीटीएस अधिकारियों के दिनांक 05-09-2017 के नियुक्ति आदेश में प्रकट होने वाले शब्द को हटाने संबंधी
No: प. 7(20)वित्त/कर/2017 Dated: Jun, 12 2020
राजस्थान सरकार
वित्त (कर) विभाग
क्रमांक प. 7(20)वित्त/कर/2017 | जयपुर, दिनांक :12 JUN 2020 |
आज्ञा
इस विभाग की आज्ञा संख्या प.7(20)वित्त/कर/2017 दिनांक 05.03.2020 द्वारा राजस्थान राज्य एवं अधिनस्थ सेवाऐं (संयुक्त प्रतियोगी) परीक्षा 2013 के परिणाम के आधार पर एवं राजस्थान लोक सेवा आयोग की अनुशंषा के आधार पर कार्मिक (क-4/2) विभाग के पत्र संख्या प.9(190)कार्मिक/क-4/2/2017 दिनांक 03.08.2017 के द्वारा नियुक्ति हेतु संदर्भित किये जाने पर राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा नियम 1971 के नियम 6 के तहत 39 अभ्यर्थियों को राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा में दो वर्ष की कालावधि हेतु परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी (सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी) के रूप में इसमें वर्णित शर्तों के अधीन नियुक्ति प्रदान की गई थी।
उक्त आदेश दिनांक 05.09.2017 में वर्णित शर्तों में शर्त संख्या 14 निम्नानुसार थी :
(14) बकाया चरित्र सत्यापन में विलम्ब की स्थिति में ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्ण रूप से प्रोविजनल मानते हुए (उनके नाम के आगे प्रोवजिनल अंकित किया गया है) इनकी नियुक्ति चरित्र सत्यापन रिपोर्ट के अध्यधीन रहेगी। यदि किसी अभ्यर्थी के विरूद्ध प्रतिकूल चरित्र सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होती है तो उसकी नियुक्ति स्वतः ही निरस्त मानी जावेगी। इस संबंध में अभ्यर्थी का नियुक्ति हेतु दावा मान्य नही होगा।
उक्त 39 अभ्यर्थियों में से निम्नलिखित 10 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रोविजनल थी :
राज्यपाल महोदय की आज्ञा से
(निशान्त जैन)
संयुक्त शासन सचिव