No: --- Dated: Mar, 10 2016

 

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi has given its ex-post approval for the Memorandum of Understanding (MoU) between India and United Arab Emirates (UAE) on Technical Cooperation in Cyber Space and Combating Cyber-Crime signed last month. 

This agreement would provide help in handling of the issues related to the cyber-crime between the two countries. Both the countries shall cooperate in cyber space and combating cyber-crime in all forms, particularly through coordination and exchange of information in relation with cyber crime, cooperation and training in cyber-crime investigation, etc. between India and UAE. The Ministry of Home affairs will be the nodal agency on the Indian side responsible for the implementation of this agreement. Similarly, the nodal agency of the UAE side will be the Directorate General of Criminal Security, Ministry of Interior and the State Security Department with regards to matters pertaining to State security, terrorism and crimes related to unconventional weapons. 

The enhancement of technical cooperation between India and UAE in cyber space and combating cyber-crime comes in the wake of the serious threat of cyber-crime on the security, interest and safety of the people. 

 

साइबर स्पेस तथा साइबर अपराध से मुकाबले के लिए भारत-संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए समझौते को मंजूरी 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधघ्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में भारत और संयुक्त अमीरात के बीच साइबर स्पेस तथा साइबर अपराध से मुकाबले के लिए पिछले महीने हुए समझौते को मंजूरी दे दी। 

इस समझौते से दोनों देशों को साइबर अपराध जैसे विषयों को सलझाने में मदद मिलेगी। दोनों देश हर प्रकार से विशेष कर तालमेल , सूचना आदान-प्रदान , साइबर अपराध की जांच में सहयोग के माध्यम से साइबर अपराधों का मुकाबला करेंगे। 

भारत की ओर से गृह मंत्रालय नोडल एजेंसी होगा जो इस समंझौते को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की ओर से आपराधिक सुरक्षा के महानिदेशक, आंतरिक सुऱक्षा मंत्रालय तथा राज्य सुरक्षा विभाग सुरक्षा , आतंकवाद , और गैर-पारंपरिक हथियारों के मामले में नोडल एजेंसी होंगे। 

साइबर स्पेस तथा साइबर अपराध से मुकाबले के लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बाच सहयोग में वृद्धि साइबर अपराध के गंभीर खतरों और लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से हुई है। 

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